हैहयवंशीय क्षत्रिय समाज
हैहयवंशीय क्षत्रिय समाज की एक मात्र वीरांगना..
" हैहयवंशी मानवती देवी " झाँसी उ.प्र.
जिन्होंने झाँसी की सेना में अपने देश के लिये अपने प्राणों की आहुति देने वाले अपने पति शहीद हैहयवंशी खुमान सिंह के बाद झाँसी की रानी लक्ष्मी बाई से प्रभावित होकर झाँसी की सेना की महिला टुकड़ी में सेनापति बनकर अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया ।
- नत्थे खां ने जब झाँसी पर आक्रमण किया तब हैहयवंशी वीरांगना मानवती देवी ने शहादत पाई, भवानीशंकर तोप को चालू करने के लिये बलि आवश्यक थी ऐसी विषम परिस्थिति में इकलौते पुत्र वीर सिंह (17 वर्ष) ने अपना सिर धड़ से अलग कर दिया ।
- देश हित के लिये अपने पुरे परिवार की आहुति देने वाला इस परिवार ने हैहयवंशीय क्षत्रिय समाज को गौरावान्वित कर उसका मान बढ़ाया है..
- हम सभी 30 नवंबर को स्मृति दिवस का आयोजन करें " वीरांगना मानवती देवी एवं उनके परिवार के के लिये यही हमारी सच्ची श्रृद्धांजलि होगी ।
जय हिन्द..जय हैहयवंश










बहुत ही अच्छी और अमूल्य जानकारी आपके ब्लॉग द्वारा प्राप्त हुई।
ReplyDeleteSolutionguru5.blogspot.com
भारत भूषण ठठेरा
अद्वितीय जानकारी
ReplyDeleteपर भाई इसमे दिनांक थोड़ा सही करें
आपके द्वारा दी गयी दिनांक में 30 दिसम्बर लिखा हुआ है और वही छाया चित्र में 30 सितम्बर लिखा हुआ है....